मसाले स्वाद की विरासत 


भारतीय मसाले कमाल के हैं। इनके बिना न तो भारतीय खाना की पहचान है न ही स्वाद। भारतीय व्यंजन याने बहुत तीखा खाना। भारतीय मसालों की बजह से सामान्य सब्ज़ियाँ भी ग़ज़ब का स्वाद पा जाती हैं। जैसे जीरा, राई, हींग न हो तो दाल का स्वाद कैसा होगा। तेजपत्ता अौर काली मिर्च न हो पुलाव व बिरयानी का क्या स्वाद।
हम हींग, जीरा, राई, मैथी, धना, हल्दी, मिर्च, लौग, इलायची, कालीमिर्च, दालचीनी, बडी इलायची, सौफ, जावित्री, तेजपत्ता, छबीला, कढीपत्ता, कस्तूरी मैथी इत्यादि सब इन सभी मसालों से परिचित हैं अौर मसालों के इस्तेमाल से व इनकी मौजूदगी से स्वाद में अाने वालें बदलाव को भी जानते हैं। इनके प्रयोग हम जिस तरह से करेगें तो स्वाद भी अलग अलग अायेगा देखिये कुछ इस तरह।जैसे –

प्रयोग –

  1. मसालों के प्रयोग अलग तो स्वाद अलग – जीरे वाले अालु व जीरे वाले चावल बिलकुल अलग होते हैं लेकिन वहीं, हम उसी जीरे को भूनकर, भुने जीरे के पावडर को दही बडे अौर रायता में डालेंगे तो जो महक व स्वाद अायेगा बिलकुल अलग रहेगा। अौर इसी पावडर को इमली की मीठी चटनी में डालने से अौर भी अलग स्वाद अायेगा।

स्वाद –

  1. भारतीय मसालों में रूप बदला तो स्वाद बदला – साबुत मसालों का स्वाद अलग , अौर पिसे मसालों के रूप में अलग होता है। खड़े मसालों में खुशबु ज्यादा होती है लेकिन तीखापन कम होता है जैसे खड़े मसालों से बने पुलाव की अलग ही महक रहेगी। जबकि तरी वाली सब्जी में पिसा मसाला डालने से ही ज्यादा तीखा स्वाद अायेगा।

नियन्त्रण –

  1. मसालों को इस्तेमाल करते समय हिसाब से ही मसाले उपयोग करें, अन्यथा इनका थोडा सा भी अधिक इस्तेमाल से स्वाद पर असर अायेगा अौर खाना बेस्वाद लगने लगेगा। इन मसालों को किसी व्यंजन में थोडा सा डालना ही काफ़ी होता है।

मीठा तीखा –

  1. मसालों से व्यंजनों में मीठा व तीखा पन ला सकते हैं। अगर मिठास लानी हो, तो सौफ का जवाब नही। करेले की सब्जी में सौफ की अधिकता ,सब्जी में कड़वाहट कम करने में मदद करती है। पनीर की सब्जी में मिठास लाने के लिये छोटी इलायची का इस्तेमाल किया जाता हैं। अदरक, लौग, काली मिर्च को चाय में डालने से गले मे गरमाहट के साथ साथ स्वाद भी लाजबाब हो जाता हैं।

सेहत पर असर –

  1. अायुर्वेद में भी सदियों से भारतीय मसालों की जगह सुरक्षित है। इनके प्रभावों पर अनेक शोध हुये है ।
  • अजवाइन अौर हींग पाचन केलिये

  • हल्दी रोग प्रतिरोधक

  • कालीमिर्च चाय गला के लिये गुणकारी

  • सौफ व इलायची मुख शुध्दी के लिये इसी तरह काला सेंधा नमक अादी बहुत सारे एैसे मसालों में सेहत के राज छिपे हुये हैं।

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