खाना बनाने का तरीक़ा 


खाना बनाना 

                           सिर्फ अच्छा खाना बनाना ही काफ़ी नही होता है। खाना बनाने का सही तरीक़ा ही अापको सफल कुक बना सकता है। स्वाद , स्वास्थ्य अौर पोषण का राज खाना बनाने के तरीक़ा में छिपा हुअा है। फिर भी कुछ ग़लती हम रोज़ करते है कम जानकारी व स्वाद के लालच में हम कभी कभी स्वास्थ्य को भी नुक़सान पहुँचा देते है। इसलिये छोटी छोटी ग़लतियों को सुधार कर इन छोटी छोटी बातों को ध्यान में रखते हुयें अच्छा खाना बना सकते हैं । इसलिये निम्नलिखित बातों पर ध्यान दें…….।               

जैसे

अाँच धीमी रखें

खाना बनाते समय अाँच पर विशेष ध्यान रखें कि गैस की अाँच ज्यादा तेज न हो ,क्योंकि तेज अाँच पर खाना ठीक से पक नही पाता अौर जलने का भी डर रहता है जब भी खाना बनाये पहले अॉच तेज, फिर मध्यम अाँच रखें अौर फिर धीमी अाँच पर पकायें। यदि समय कम हो तो मध्यम अाँच का इस्तेमाल करें। इस प्रकार बनाने से खाना अच्छा तो बनेगा ही साथ में पौष्टिक भी रहेगा। इस तरह खाना बनाने से गैस की बचत भी होगी।

खाना ज्यादा न पकायें 

खाना बनाते समय खाना ज्यादा पकाने से बचें, हम मसाले अौर सब्जी को अच्छी तरह से पकाने के लिये घंटों भूनते है लेकिन ध्यान रखें कि ज्यादा भूनने से पोष्टिक तत्व नष्ट हो जाते है ग्रेवी वाले सब्जी के मसाला को सिर्फ तेल छोडने तक ही पकायें। पालक, मैथी, बरबटी जैसी सब्ज़ियाँ एैसी होती है, जो कम पके मै ही स्वादिष्ट व पौष्टिक बनती है इसी तरह बाक़ी सब्जियों को ज़रूरत के मुताबिक़ ही भून कर बनायें। 

मसाले का संतुलन बनाये रखें

खाना बनाते समय हम अक्सर खाना स्वादिष्ट व चटपटा बनाने के चाह में मसाले – धनिया,लाल मिर्च, हल्दी व दालचीनी इत्यादि खड़े मसाले अधिक डाल देते है कई बार ज़रूरत से ज्यादा मसाले से भी खाने का स्वाद बिगड़ जाता है व स्वास्थ्य पर भी ग़लत प्रभाव पड़ता है अापको क़ब्ज़ या गैस जैसे समस्या हो सकती है। इसलिये मसालों का सही इस्तेमाल व संतुलन बनाये रखना बहुत जरूरी है। पिसे या खड़े मसालों का उपयोग अावश्यकतानुसार ही करें , ताकि खाना स्वादिष्ट बने अौर मसाले भी व्यर्थ न जायें।

तेल की मात्रा व सही उपयोग 

खाना बनाते समय तेल की मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है सब्जी बनाते समय ज़रूरत से ज्यादा तेल डालने से पाचन से संबंधित समस्यायें अा सकती है व जिन्हें चिकनाई युक्त खाना से परहेज़ है उनके लिये भी ज्यादा तेल नुक़सानदायक हो सकता है। इसलिये पकाते समय ख़्याल रखें कि देर से पकने वाली सब्ज़ियाँ जैसे गोभी, कटहल, बैगन अादी के मसाले में सिर्फ इतना तेल डालें कि सब्जियों में सूखापन ना दिखे। एक अौर महत्वपूर्ण बात तेल को इतना भी गरम न करें कि धुअाँ उठने लगे, इससे तेल जल जाता है।अौर इसके अलावा ध्यान रखें कि बार बार गरम किये गये तेल का उपयोग न करें वह तेल हानिकारक हो जाता है। 

सब्जी धोकर पानी निथारना / सुखाना

हम अक्सर सब्जियों को धोकर तुरंत ही पकाने लगते है, इससे होता ये है कि सब्ज़ियाँ बाद में पानी छोड़ती ही है जिससे कारण सूखी सब्जी भी रसेदार बन जाती है। फिर उस सब्जी का पानी सुखाने के लिये हमें सब्जी को ज्यादा देर तक पकाना पड़ता है जिससे सब्जी के पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसलिये जब मैथी, गोभी, पालक जैसी हरी सब्ज़ियाँ बनाये तो धोने के बाद कुछ देर तक सब्जी का पानी निथारने के बाद ही सब्जी काट कर फिर बनायें।

रसोई हो व्यवस्थित 

खाना बनाने के लिये रसोई का व्यवथित होना भी बहुत ही अावश्यक है । इसलिये जो जरूरी समान है या जिनका उपयोग हम रोज़ करते हैं, उनको किचिन में व्यवस्थित व अासपास ही  पहुँच के अंदर ही रखना समझदारी है। खड़े मसाले / पिसे मसाले, दालें, बेसन, मैदा , सूजी, बडियाँ अादी जाने कितने ही सामान होते हैं इन्हें पारदर्शी डिब्बों में रखें । जिससे मिलना अासान होगा अौर हो सके तो पिसे सामानों में नाम लिख कर चिट भी लगा दें। चिट लगाने से व्यवस्था अौर भी अच्छी हो जायेगी अौर खाना बनाना भी अासान होगा क्योंकि सेहत का रास्ता रसोई से ही निकलता है इसलिये रसोई की व्यवस्था पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।

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