South Indian दक्षिण भारतीय


* नोट –  इस सूची को मैंने अापके सहूलियत के लिये बनाया है, अगर कोई रेसिपी न खुलें  या न मिले तो कृपया Search करके देखें।

 

दक्षिण भारतीय व्यंजन के लिये कुछ विशेष जानकारी

इडली , डोसा , सांभर ,चटनी ,उत्तपम व अप्पे बनाने के लिये अावश्यक जानकारी । इसकी सहायता से अाप बना सकते है उत्तम दक्षिण भारतीय व्यंजन

  • डोसा कुरकुरा बनाने के लिये ,डोसा मिश्रण बनाते समय उसमें उड़द दाल,चावल के अलावा चना दाल व मैथी भी डालें।
  • सैला चावल के डोसा व उत्तपम अधिक कुरकुरे बनते है ।
  • डोसा, इडली या उत्तपम बनाते समय चावल हमेशा मोटा पीसें व दाल का पेस्ट बहुत मुलायम व बारीक पीसें ।
  • डोसें का घोल इडली के घोल से थोड़ा पतला रखा जाता है।
  • डोसें के घोल को 10’12 घंटे से ज़्यादा ख़मीर उठने के लिये न रखें , वरना ज़्यादा खट्टापन अा जायेगा ।
  • साँभर बनाते समय दाल बहुत ज़्यादा न गलने दें । इससे साँभर बहुत गाढ़ा हो जाता है ।
  • साँभर में छौंक लगाते समय सबसे पहले सरसों डालें। फिर हींग,खड़ी लाल मिर्च ,कढ़ी पत्ता डाल कर छौंका लगाये।
  • इडली बनाते समय ध्यान कि इडली को 15 मिनट से ज़्यादा न पकाये न ही तो इडली सख़्त बनेगी ।
  • इडली को अगर अाप कुकर मे साँचा रख कर बना रहे है तो कुकर की सीटी निकाल दें ।
  • नारीयल़ की चटनी में कच्चे नारीयल़ के स्थान पर अाप सूखे नारीयल़ , फूटा चना व भुनी चना दाल का उपयोग करें ।
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